टोंक। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूचियां का विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम टोंक जिले में 28 अक्टूबर से शुरू हो गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी कल्पना अग्रवाल ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उद्देश्य मतदाता सूचियां को पूर्णतः सटीक, पारदर्शी और अद्यतन बनाना है, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदाता  सूची में शामिल होने से छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल नहीं रहे।
         जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप बीएलओ द्वारा गणना प्रपत्र वितरण का कार्य 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक किया जाएगा। इस कार्य में स्वयं सेवक के रूप में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पंचायतीराज एवं शहरी निकायों के कार्मिकों, एनसीसी, स्काउट गाइड आदि का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही राजनैतिक दलों के बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (बीएलए) को भी इस प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत निर्वाचन विभाग द्वारा प्रत्येक मतदाता के लिए गणना प्रपत्र तैयार किए गए हैं। जिसे बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर पर पहुंचकर उपलब्ध करवाएंगे तथा गणना प्रपत्र भरवाकर वापस प्राप्त करेंगे। संबंधित मतदाता का विवरण प्राप्त करने में गत गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम वर्ष 2002 में तैयार मतदाता सूचियों से जानकारी प्राप्त की जा सकेगी। ये सूचियां निर्वाचन आयोग की वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्अवजमतेण्हवअण्पद और बीएलओ के पास मोबाइल एप पर उपलब्ध होगी। गणना प्रपत्र में मतदाता की पुरानी फोटो छपी रहेगी और मतदाता को अपनी नवीनतम रंगीन फोटो इसी पर प्रपत्र पर चिपकानी होगी। गणना प्रपत्र पर संबंधित मतदाता का हस्ताक्षर भी लिया जाएगा। एसआईआर प्रक्रिया के शुरुआती चरण में किसी भी मतदाता से गणना प्रपत्र के साथ कोई दस्तावेज नहीं लिया जाएगा। मतदाता स्वयं भी ीजजचेरूध्ध्अवजमतेण्हवअण्पद लिंक पर जाकर अपना गणना प्रपत्र ऑनलाईन भी भर सकते हैं। इस चरण में अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 वाले नये मतदाताओं के आवेदन प्रारूप 6 मय घोषणा के भी तैयार कराये जाएंगे। प्रारूप मतदाता सूचियां का प्रकाशन 9 दिसंबर को किया जाएगा।
         भरे हुए गणना प्रपत्र जमा हो जाने के बाद ईआरओ के स्तर पर वर्ष 2002 की मतदाता सूची के अनुसार स्वयं मतदाता अथवा उसके रिश्तेदार के विवरण के साथ मिलान की प्रक्रिया की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र में गत एसआईआर के सम्बन्ध में दी गई सूचना का मिलान नहीं हो पाएगा, उन मतदाताओं को सम्बन्धित ईआरओं द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस एवं सुनवाई की अवधि 09 दिसम्बर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक रहेगी।
       घर-घर सर्वें के दौरान बीएलओं द्वारा मृत, स्थानान्तरित, दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं की पहचान करेंगे एवं इनकी सूची बनाएंगे। प्रारूप प्रकाशन के पश्चात् ऐसी समस्त सूचियां सम्बन्धित ईआरओं द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा की जाएगी साथ सूचियों की प्रति मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्य राजनैतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जाएगी।
      समस्त दावों/आपत्तियों का निस्तारण करने के पश्चात् दिनांक 7 फरवरी, 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी निर्वाचन विभाग की वेबसाइट ीजजचेरूध्ध्मसमबजपवदण्तंरंेजींदण्हवअण्पद के सिटीजन सेंटर कॉर्नर से 2002 की मतदाता सूचियां देखी जा सकती है।

अधिकांश मतदाताओं से नहीं लेना पडेगा कोईं दस्तावेज
जिला नर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अधिकांश मतदाताओं से कोई डॉक्यूमेंट लेने की जरूरत नहीं पड़ेगीं। बीएलओ 2002 की सूची के आधार पर मतदाताओं की मैपिंग कर रहे हैं। यदि किसी व्यक्ति से दस्तावेज लेना जरूरी हो तो वह बीएलओ को सहयोग करें। जिले में अब तक 70 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। जिला प्रशासन का प्रयास यही है कि एसआईआर के अंतर्गत प्रत्येक पात्र मतदाता के मैपिंग का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो। उन्होंने यह भी कहा है कि एसआईआर में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों पर कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही एक मतदाता केवल एक गणना प्रपत्र ही भर सकते हें जिससे मतदाता सूचियों में डुप्लिकेसी भी दूर होगी।
आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि विगत एसआईआर की मतदाता सूची में यदि किसी मतदाता के माता-पिता या दादा-दादी का नाम सम्मिलित है तो उनके सटीक पारिवारिक संबंधों के आधार पर मैपिंग किया जा रहा है। उन्होंने ने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया में बीएलओ हर घर पहुंचेंगे और आसानी से कार्रवाई संपादित करवाएंगे। आमजन को इस कार्य के लिए कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है। वर्तमान में जिले में वर्तमान में कुल 1105 मतदान केन्द्र है, जिनमें 1105 बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) कार्यरत है।

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