निवाई(संवाददाता:लक्ष्मी चंद शर्मा)। शहर के रक्तांचल पर्वत पर रविवार को अभिजीत मुहूर्त में पंचमुखी हनुमानजी की मूर्ति का जयकारों के साथ प्राण प्रतिष्ठा हुई। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पांच दिवसीय आयोजन का इसी के साथ समापन भी हो गया। श्रद्धालु दिनेश सोनी व अभिषेक सोनी ने बताया कि रक्तांचल पर्वत के शिखर पर स्थित किले में पंचमुखी हनुमानजी मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन हुआ। प्रतिष्ठाचार्य पंडित शिवप्रसाद शास्त्री सवाईमाधोपुर के सान्निध्य विभिन्न धार्मिक आयोजन संपन्न हुए। उन्होंने बताया कि संत रामभरोसे दास महाराज के सानिध्य में प्रतिष्ठाचार्य पंडित शिवप्रसाद शास्त्री सहित विद्वान पंडितों के मंत्रोच्चार के साथ 1600 फीट ऊंचाई पर स्थित किले में हनुमानजी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हुई। उन्होंने बताया कि मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर वैदिक आचार्यों के सान्निध्य में पंचमुखी हनुमान जी की मूर्ति को जलाधिवास, अन्नादिवास व फलादिवास करवाया गया। इस दौरान गणेश पूजन, मातृका पूजन, नवग्रह पूजन, प्रधान मंडप पूजन, पंचमुखी हनुमान पूजन कर किलेश्वर महादेव की विधि विधान से पूजा की गई। इसके बाद हवन कुंड में श्रद्धालुओं ने मंत्रोचार के साथ आहुतियां दी। मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर महिलाओं ने दोपहर 12 से 4 बजे तक सत्संग कीर्तन व भजन किए। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान उपस्थित सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने पंचमुखी हनुमानजी के जमकर जयकारे लगाए। जिससे पर्वत क्षेत्र को गूंज उठा। इसके बाद हनुमानजी की महाआरती की गई जिसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसादी जिमाई गई। प्राण प्रतिष्ठा को लेकर रविवार की सुबह विश्वनाथ मंडल के कार्यकर्ता भजन कीर्तन करते हुए प्रभातफेरी के रूप में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा स्थल पहुंचे।

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