निवाई। देवउठनी एकादशी पर लोगों ने घरों के दरवाजों के बाहर घी के दीपक जलाकर देव दीपावली मनाई। इस अवसर पर महिलाओं ने परम्परागत तरीके से देवों को उठाने की रस्म निभाई। इस दौरान देवी-देवों के जगाने के लिए महिलाओं ने घर के बाहर लिपना कर माण्डणे माण्डे। उसके बाद घी का दीपक जलाया और उठो देव, बैठो देव- फाटकडी फटकारो देव गाकर देवताओं को जगाया। महिलाओं ने विभिन्न प्रकार के व्यंजन बनाकर देवताओं के भोग भी लगाया। लोगों ने घर घर में अपने इष्ट देवों की पूजा अर्चना की तथा गोवर्धन पूजा के स्थान पर चौका लगाकर एवं घी का दीपक जलाकर सभी मांगलिक कार्यो के निर्विघ्र सम्पन्न होने की मनोकामना की गई। वहीं मंदिरों में दीपावली की भांती भव्य रोशनी कर एवं रंगोलियां सजा कर अनेक धार्मिक अनुष्ठानो का आयोजन किया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में देव उठनी एकादशी को छोटी दीपावली के रूप में धूमधाम से श्रद्धा पूर्वक मनाया गया। इस दौरान बच्चों ने व युवाओं ने पटाखे चलाए। देव उठने के साथ ही चार माह से बंद पडे मांगलिक कार्यो की भी शुरूआत हो गई। देवउठनी एकादशी पर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में शादी विवाह की शहनाईयां गूंज उठी। शादी समारोह को लेकर बाजार में जमकर हो रही खरीददारी से व्यापारियों के न्यारे-व्यारे हो रहे है। गुरूवार को उपखण्ड क्षेत्र में सैकड़ों कुंवारी कन्याओं के हाथ पीले होने जा रहे है। जिससे शहरी एवं ग्रामीण अंचल में विवाह की तैयारियों को लेकर धूम मची हुई है। विवाह स्थल पर जहां बुजुर्ग महिलाएं मंागलिक गीत गाकर दुल्हा-दुल्हन को हल्दी का लेप कर निखार रही है। वहीं युवक युवतियां महिला संगीत में डीजे साउण्ड की रंग बिरंगी लाईटों की चकाचौंध में फिल्मी गानों पर जमकर थिरककर खुशियां मना रहे है। सभी मैरिज गार्डन व धर्मशालाएं रोशनी से जगमगा गई है। चारों और शादी समारोह में शामिल होने के लिए आए हुए मेहमानों के चलते शहर में काफी चहल-पहल रही। शहर में स्थित सजावट की दुकानों पर दुल्हों के लिए गाडियां सजती दिखाई दी। गाडी सजाने वाले कलाकार सुबह से ही गाडियों को सजाने में लगे रहे। साथ ही एडवांस बुकिंग के चलते टेन्ट हाउस, ईलेक्ट्रीकल्स, हलवाई, पण्डित, नाई, धोबी, चाट-पकोड़े, घोड़ी व बैण्ड बाजे सहित विवाह में काम आने वाले व्यवसाय कर्ताओं की कमी आ गई है। जिससे वर-वधु पक्ष को बाहरी क्षेत्रों से मुंह मांगें दामों पर रकम अदाकर शादी की तैयारियां की जा रही है। वहीं बारात लाने ले जाने के लिए पर्याप्त मात्रा में बसें उपलब्ïध नहीं होने के कारण बस मालिकों के भी भाव आसमान छू रहे है। शाम को बारातों की गुजरती निकासी के चलते सडक़ मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रही। बारातों के आगे निकासी में शामिल बाराती महिला-पुरूष शादी के गानों पर झूमते हुए चल रहे थे।

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