
निवाई। बस्सी गांव में बघेरे ने आबादी क्षेत्र में स्थित एक बाड़े में बंधी एक बकरी का शिकार कर लिया। पीडि़त दयाराम पोसवाल ने बताया कि बघेरे के हमले में उसकी बकरी की मौत हो गई, जिससे उसको लगभग 15 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। घटना की जानकारी विधायक रामसहाय वर्मा, नटवाड़ा मंडल अध्यक्ष बद्री विजय, टोंक डीएफओ मारिया शाहीन और रेंजर धारीलाल बैरवा को दी गई। विधायक वर्मा ने वन विभाग के अधिकारियों को तुरंत सूचित किया। सूचना मिलने पर रेंजर धारीलाल बैरवा मौके पर पहुंचे। उन्होंने बघेरे के पदचिह्नों का निरीक्षण किया और मृत बकरी का पोस्टमार्टम करवाया। बघेरे को पकडऩे के लिए घटनास्थल पर एक पिंजरा रखवाया है और जीपीएस कैमरा लगवाया गया है। रेंजर बैरवा ने बताया कि पीडि़त किसान को मुआवजा दिलवाने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने बघेरे को जल्द से जल्द पकडऩे की मांग की है। हंसराज हरसाना ने बताया कि बस्सी की पहाड़ी पर पिछले कई दिनों से बघेरे का लगातार मूवमेंट बना हुआ है। पूर्व में भी बघेरा कई लोगों की बकरियों, भेड़ों, गायों और बछड़ों को अपना शिकार बना चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि बघेरे को पकडऩा अब अत्यंत आवश्यक हो गया है। बघेरे को जंगल में कई बार राहगीरों ने भी देखा है। जगराम कटारिया ने बताया कि बारेड़ा गांव जाते समय उन्हें भी अपनी गाड़ी के आगे बघेरा दिखाई दिया था। हंसराज हरसाना के अनुसार, बस्सी, बारेड़ा, बहड़, नोहटा, किवाड़ा, खिडगी, मंडालिया और सिरस सहित आसपास के गांवों के जंगलों में बघेरे का मूवमेंट देखा जा रहा है। इस कारण किसान खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं और चरवाहे अपने पशुओं को भी जंगलों में ले जाने से डर रहे हैं।

