निवाई-पीपलू विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओ ने अलग-अलग विचार बताए
निवाई(भागचंद शर्मा)। कांग्रेस में टोंक जिलाध्यक्ष पद के लिए पार्टी के आम कार्यकर्ताओ की राय जानने के लिए कांग्रेस संगठन सर्जन अभियान को लेकर पटेल फार्म हाउस पर बैठक का आयोजन किया। जिसमे जिलेभर से कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद के दावेदारी जताने वाले लोगो ने भी कार्यकर्ताओ से व्यक्तिगत जनसंपर्क किया। कांग्रेस शहर अध्यक्ष एडवोकेट सतीश शर्मा ने बताया कि बैठक में जिला पर्यवेक्षक व विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप, प्रदेश महासचिव फूलसिंह ओला, प्रदेश महासचिव व पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा, प्रदेश सचिव प्रद्युम्नसिंह राठौड, जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा सहित जिला संगठन प्रभारी, विधायक प्रत्याशी, विधानसभा प्रभारी, प्रधान, नगरपालिका पार्षद, पूर्व प्रधान, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी, अग्रिम संगठनों के प्रतिनिधि, मंडल अध्यक्ष, सभी मंडलों की कार्यकारिणी, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य व पार्टी के सरपंच सहित कई कार्यकर्ता भाग पहुंचे। इस दौरान ब्लॉक अध्यक्ष शंकर लाल चौधरी, पूर्व विधायक कमल बैरवा, किसान नेता श्रीराम चौधरी, पूर्व सरपंच झिलाई भंवरलाल यादव, रामगोपाल मीणा काशीपुरा, पीपलू अध्यक्ष जयनारायण मीणा सिशोला, पार्षद महावीर प्रसाद पराना, दुर्गालाल सैनी, प्रदीप पारीक, हंसराज गाता, निर्भय राम मीना, हंसराज देव मेडिकल, मनिंदर लोदी, देवा सरपंच, रजवास मंडल अध्यक्ष नमोनारायण मीणा, युवा नेता सूरज गुर्जर रजवास, राजेश गुरूजी, डॉ रामफुल गुर्जर सहित सैकड़ो निवाई -पीपलू विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओ ने भाग लेकर टोंक कांग्रेस जिलाध्यक्ष को लेकिन अपनी अपनी राय दी।
गुटबाजी उभर कर आई सामने :- निवाई में टोंक जिलाध्यक्ष के नाम कि रायशुमारी को लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ताओ में पूर्व विधायक प्रशांत बैरवा व कमल बैरवा गुट के लोगो में भारी खींचतान देखने को मिली।
अपील की :- वहीं निवर्तमान जिलाध्यक्ष हरिभाई हरि, सुनील बंसल सहित कई जिलाध्यक्ष पद के दावेदारों ने भी उनको समर्थन के लिए स्पोर्ट करने क़ी अपील करते देखा गया।
इस दौरान लगभग सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओ में एक खास चर्चा देखी गईं कि जो सचिन पायलट करेंगे वहीं होगा। बाकी सब फोर्मल्टी करने आए है।
ऑनलाइन :- कांग्रेस के वरिष्ठ युवा नेता पवन साँवलिया ने तो ये भी का की ऑनलाइन मतदान प्रक्रिया से चुनाव होना चाहिए। जिससे प्रवेसी बनी रहे। साथ ही बड़े नेताओं का हस्तक्षेप भी नहीं हो।

