
निवाई(संवाददाता:लक्ष्मीचन्द शर्मा)। प्रताप स्टेडियम में नगरपालिका मण्डल के तत्वावधान में बॉलीवुड म्यूजिकल नाइट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें पन्या सेपट व योगेश रजवाड़ा, बॉलीवुड डांस ग्रुप, पिहू जैन एंड डांस ग्रुप द्वारा कई सांस्कृतिक व राजस्थानी कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई। इसी प्रकार बॉलीवुड प्लेबैक द्वारा नए-पुराने नगमों की प्रस्तुतियां सहित कई रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गई जिसको देखने के लिए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र से महिाला व पुरूषों की भीड़ उमड़ पड़ी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक रामसहाय वर्मा, नगरपालिका अध्यक्ष दिलीप इसरानी, शहर मंडल अध्यक्ष नितिन छाबड़ा व अधिशाषी अधिकारी मनोहरलाल जाट ने सरस्वती माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया। बॉलीवुड म्यूजिकल नाइट कार्यक्रम में मानसिंह गौरा सिंह के सानिध्य में बोम्बे की डांसर पीहू जैन द्वारा बॉलीवुड म्यूजिकल डांस सहित कई रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान कलाकरों ने सात समन्दर पार मै तेरे पीछे पीछे आ गई, टिंकू जिया, इश्क का मंजर, अपने तो आगे ना पीछे, ना कोई ऊपर नीचे, अपनी तो ऐसे वेसे कट जाएगी, तुम्हारा क्या होगा जनाबे आली, शादी करा दो उसकी शादी करा दो, डोली सजा दो उसकी डोली सजा दो, आशिक मिला ना उसको अपनी पसंद जैसा, महबूबा महबूबा ओ मेरी महबूबा, तुझे जाना है तो जा, यमला पगला दिवाना, दीवानी मस्तानी, आज भी है पानी पानी, तेरी मलमल की कुर्ती गुलाबी हो गई, यारा तेरी यारी को, याद करेगी दुनिया, तेरा मेरा अफसाना, इक परदेशी मेरा दिल ले गया, मोटी मोटी आंखों आंसू दे गया, जिसकी बीवी मोटी उसका भी बडा नाम है, बिस्तर पर लेटा दो गद्दे का क्या काम है सहित कई सुपर डूपर एवं राजस्थानी लोक गीतों की प्रस्तुतियां दी। जिस पर श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई व नृत्य किया। कार्यक्रम में कलर टीवी फैन कोमेडियन ने बॉलीवुड के कई कलाकारों की आवाजों की नकल करके लोगों का खुब मनोरंजन किया। इस अवसर पर परसराम कुमावत, गिर्राज चौधरी, मंगलराम मीणा, रमेश सैनी, संजय रैगर, शंकरलाल सैनी, रामविलास बलाई, जीतू विजय, वंशप्रदीप पारीक, घासी अग्रवाल, कैलाश नटवाडा, मौला सेन, रतनदीप गुर्जर, मदनलाल वर्मा, राजेन्द्र चौधरी, मोहित संमति, जयनारायण कुमावत, लालचन्द सैनी, अविनाश पारीक, आनन्द पारीक व जीतू धारवाल सहित कई पार्षद व जनप्रतिनिधि मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में श्रोता मौजूद रहे।
