टोंक नगरी को दुल्हन की तरह सजाया गया

टोंक(संवाददाता:अशोक शर्मा)| ऐतिहासिक धर्मनगरी टोंक में प्रथमाचार्य 108 श्री शांतिसागर महाराज के आचार्य पद प्रतिष्ठापन शताब्दी महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू हुआ । यह दो दिवसीय मंगल कार्यक्रम महावीर जिनालय अहिंसा सर्किल से भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। महावीर जिनालय अहिंसा सर्किल में आचार्य श्री के सानिध्य में श्रीजी का पंचामृत अभिषेक एवं शांतिधारा हुई ।समाज प्रवक्ता पवन कंटान व विकास जागीरदार एवं विमल जौला के अनुसार 3 अक्टूबर को प्रात 8 बजे बजे भव्य शोभायात्रा निकाली गई इसके पूर्व टोंक नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया जगह जगह तोरण द्वार, फ्लेक्स बेनर, रंगोलिया बनाई गई उसके बाद जुलूस का शुभारंभ हुआ जिसमे सबसे आगे चार बुलेट गाड़िया घोड़े, ऊंट, ढोल, लवाजमा, सरताज बैंड, हाथी, शिवम बैंड, भारत बैंड, पाठशाला के बच्चे, सेविका दल, ढोल, गरबा 30, णमोकार थीम महिलाएं, माता-पिता 50 महिलाएं, काफला महिला मंडल, आदर्श नगर महिला मंडल, हाउसिंग बोर्ड महिला मंडल, पुरानी टोंक महिला मंडल, विभिन्न प्रकार की आकर्षक झाकियां जिसमे भगवान पर उपसर्ग होते हुए, महाराज सभा को संबोधित करते हुए एवं आशीर्वाद देते हुए व मानतुंगाचार्य जी भक्तामर करते हुए झाकियां लोगो को अपनी ओर आकर्षित कर रही थी ।

जगह जगह पर अग्रवाल समाज के लोगो द्वारा समाज बंधुओ का पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया गया ।शान्तिसागर जी महाराज का मूर्ति रथ, निंबाहेड़ा बैंड, भटिंडा बैंड चल रहा था । इसके पीछे आचार्य श्री ससंघ एवं श्रीजी का रथ चल रहा था जो कि अहिंसा सर्किल महावीर जिनालय से रवाना होकर नगर के विभिन्न मार्गो से होते हुए घंटाघर, सुभाष बाजार, पांच बत्ती, काफला बाजार, नोशे मियां का पुल बड़ा, कुआं, जैन नसिया होते हुए आर एन फार्म हाउस पहुंचा जहां पर ध्याजारोहण अजित जी भिंडा मुंबई,मंडप उद्घाटन शोभा देवी सुनील कुमार आचार्य श्री का पाद प्रक्षालन आदि समस्त मांगलिक क्रियाएं संपन्न हुई एवं 11:00 बजे आचार्य ससंघ की आहार चर्या हुई दोपहर 1:30 आचार्य शांतिसागर जी महाराज की पूजा की गई जो पंडित हंसमुख जी हुई जिसमें 125 इंद्रो द्वारा आचार्य शांति सागर मंडल विधान बड़े भक्ति भाव संपन्न हुआ एवं विन्यांजलि सभा हुई उसके पश्चात 7:30 बजे आरती विशाल भजन संध्या का आयोजन हुई जिसमें राजीव विजयवर्गीय आस्था जैन एवं देवेंद्र पंवार गायक कलाकार रहे जिन्होंने भक्तो को भजनों से मंत्र मुग्ध कर दिया । इस मौके पर अनेक नगरों से भक्तगण आए । जिसमे परसोला, धरियाबाद, इंदौर, निवाई, मालपुरा, देवली, उनियारा, जयपुर आदि से अनेक भक्त पधारे। इस मौके पर भागचंद फूलेता, पदमचंद आंडरा, धर्मचंद दाखिया, विमल बरवास, कमल आंडरा, लालचंद फूलेता, राजेश सर्राफ, धर्मेंद्र पासरोटिया, पप्पू नमक, राजेश बोरदा, रमेश काला, आदि मौजूद रहे ।

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