भूटान में भारतीय पर्यटकों से प्रतिदिन 12 सौ रुपए शुल्क वसूली…
अन्य विदेशी पर्यटकों से प्रतिदिन सौ डॉलर शुल्क

एस.पी.मित्तल(ब्लॉगर)| गुवाहाटी में मां कामाख्या के दर्शन और आशीर्वाद वाली यात्रा के दौरान में अपने साथियों के साथ 15 सितंबर को आकाश एयर लाइन से पश्चिम बंगाल के बागीदौरा एयरपोर्ट पर पहुंचा। इस एयरपोर्ट का संचालन भारतीय वायुसेना के द्वारा किया जाता है। चूंकि यह क्षेत्र बांग्लादेश की सीमा से लगा हुआ है, इसलिए एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरती जाती है। एयरपोर्ट से हम भारत भूटान की सीमा पर पहुंचे। सीमा पर हम सभी के आवश्यक दस्तावेज देखे गए। कुद साथियों के पासपोर्ट तथा कुछ के पास मतदाता पहचान पत्र था। भूटान में भारतीय मतदाता पहचान पत्र के माध्यम से भी प्रवेश दे दिया जाता है। भूटान के कैम्प में हमारा अनुभव अच्छा नहीं रहा, क्योंकि हमारे दल की एक महिला सदस्य को प्रवेश देने से इंकार कर दिया। भूटान के अधिकारियों का कहना रहा कि मतदाता पहचान पत्र में ऑनलाइन सिस्टम में फोटो में बदलाव है। हालांकि हमारे पास और भी दस्तावेज थे, लेकिन अधिकारियों ने सहयोग नहीं किया। बाद में चाय पानी का मोटा खर्चा लेकर उसी मतदाता पहचान पत्र पर प्रवेश दे दिया गया। तब ऐसा लगा कि भूटान के राजतंत्र में भी भारत के लोकतंत्र की तरह भ्रष्टाचार व्याप्त है। जिस तरह भारत में बड़ी चालाकी से रिश्वत की राशि ली जाती है, उसी प्रकार भूटान के कैम्प में भी बड़ी चतुराई से चाय पानी के नाम पर मोटी राशि ली गई। चूंकि हमारी मजबूरी थी, इसलिए भूटान के अधिकारियों की बात को स्वीकार करना पड़ा। हमने रात्रि विश्राम भूटान सीमा के फुलसिलिंग के होटल पलाम में किया। भूटान के कानून के मुताबिक सीमा में प्रवेश लेने वाले पर्यटकों को परमिट भी लेना होता है। इस कानून के अंतर्गत हम सभी 13 सदस्यों 16 सितंबर को फुलसिलिंग में भूटान दूतावास पहुंचे और परमिट प्राप्त किया। यही पर हमने प्रत्येक सदस्य का प्रतिदिन का 12 सौ रुपया शुल्क भी जमा कराया। चूंकि हमें तीन दिन भूटान घूमना था, इसलिए प्रत्येक सदस्य के 36 सौ रुपए जमा कराए गए। यही पर हमें बताया गया कि भारत के अलावा अन्य विदेशी पर्यटकों से सौ डॉलर प्रतिदिन का शुल्क लिया जाता है।
