आज बड़ा मंदिर में आचार्य ससंघ के सानिध्य में मनाया जाएगा क्षमावाणी पर्व


टोंक। आचार्य वर्धमान सागर महाराज के संघ सानिध्य में दशलक्षण पर्व तथा इंद्रध्वज मंडल विधान की पूजन संपन्न हुई। रविवार को सभी इंद्र द्वारा विश्वशांति हेतु हवन किया गया। हवन के पश्चात आदिनाथ जिन मंदिर नसिया से  श्रीजी रथयात्रा नगर के प्रमुख मार्ग होते हुए बड़ा तख्ता दिगंबर जैन मंदिर पहुंची। वहां से रथ यात्रा का समापन नसिया मंदिर में हुआ। इंद्र ध्वज मंडल विधान की धर्मसभा में आचार्य ने बताया कि इंद्र ध्वज विधान की पूजन संपन्न हुई आप ऐसे भाव परिणाम बनावे  कि हम देवगति में जाकर साक्षात अकृत्रिम जिनालयों की पूजन करें। इस इंद्रध्वज विधान में 458 जिनालयों में 108-108 प्रतिमाएं 500 धनुष अर्थात 2000 फीट की प्रतिमाएं विराजित है। राजेश पंचोलिया के अनुसार आचार्य ने बताया कि संत समागम सानिध्य में संस्कारों से विधान से अर्जित पुण्य अनेक जन्मों तक रहता है। इसके पहले दीक्षा गुरु आचार्य धर्म सागर  संघ सानिध्य में सन  1970 के चातुर्मास के बाद सन 1971 में पंचकल्याणक हुआ था। प्रथमाचार्य चारित्रचक्रवर्ती शांतिसागर महाराज की आचार्य शताब्दी महोत्सव अंतर्गत माह अक्टूबर 2025 में  उनकी प्रतिमा विराजमान करने की भावना व्यक्त की जो प्रशंसनीय  होकर अन्य के लिए भी अनुकरणीय  है।  कर्म बंध  परिणामों से होता हैं, उपवासों से कर्मो की निर्जरा होकर नवीन कर्मों का संवर होता हैं, छोटे नियम व्रत से जीवन संयमित होता हैं। समाज के प्रवक्ता पवन कंटान एवं विकास जागीरदार के अनुसार इंद्रध्वज महामंडल का समापन विश्व शांति महायज्ञ व श्रीजी की रथयात्रा के साथ हुआ । 10 उपवास एवं 16 उपवास के बाद मुनि हितेंद्र सागर, ध्येयसागर, आर्यिका  चैत्यमती  दर्शनमती, जिनेशमति सहित अनेक श्रावक श्राविकाओं के 10 उपवास का पारणा हुआ, जिसे देखकर भक्तों के नेत्र सफल हुए। लोकेश के 11  उपवास का 8 को  तथा श्रीमती बाला सनावद के 32 उपवास का पारणा 9 सितंबर को होगा। आचार्य ससंघ के सानिध्य में सोमवार को क्षमावाणी पर्व बड़ा तख्ता जैन मंदिर में मनाया जाएगा, जिसमें सभी समाज बंधु वर्षभर में किए गए कार्य के लिए एक दूसरे से क्षमा याचना करेंगे । इस मौके पर दिनेश छामुनिया, ओम ककोड़, विकास अत्तार, कमल सर्राफ, अनिल सर्राफ, नीटू छामुनिया, मुकेश बरवास, रमेश काला,अंकुर पाटनी, पवन कंटान, मोहनलाल छामुनिया, नेमीचंद बनेठा, सोनू पासरोटियां, चीनू कुरेडा, पुनीत जागीरदार एवं लालचंद फुलेता आदि मौजूद थे।

Share.

Hello Reader, Stay tuned with surila rajasthan to get latest update of your area.

Leave A Reply