कलश यात्रा में उमड़ा जन सैलाब,
भामाशाह सम्मान समारोह एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आज

मंदिर शिखर पर आज चढेगी हजारों ध्वज पताकाएं,छोटे व बडे झुंडों मे आ रहे है पदयात्री

निवाई। देवधाम जोधपुरिया मे गुर्जर समाज के आराध्य देव भगवान विष्णु के अवतार माने जाने वाले जन जन के मानस भगवान श्री देवनारायण का लक्खी मेले का शुभारंभ बुधवार को भव्य कलशयात्रा के साथ ध्वज पूजन करके किया गया। ट्रस्ट के सुरज्ञानसिंह खाटरा व पूर्व सीआर मनफूल गुर्जर ने बताया कि गुरूवार को सुबह अतिथि सम्मान समारोह, शाम 4 बजे यात्रा निशान पूजन, शाम 5 बजे भामाशाह सम्मान समारोह, रात्रि 9 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं रात्रि 11 बजे भोपा द्वारा कमल के फूल पर भगवान देव दर्शन करवाए जाएंगे। इसी प्रकार शुक्रवार को मेले के समापन पर कई प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि हर वर्ष आयोजित होने वाले तीन दिवसीय लक्खी मेले में देश प्रदेशभर से करीब 20 लाख से अधिक लोग भगवान देवनारायण के दर्शनों के लिए आएंगे। उन्होंने बताया कि बुधवार को विभिन्न स्थानों से हजारों श्रद्धालु निशान लेकर निवाई पहुंचे। निशान यात्रा झिलाय रोड पर स्थित भगवान देवनारायणजी के मंदिर पहुंची और दर्शन किए। कुछ देर विश्राम करने के बाद निशान यात्रा का जुलूस रवाना हुआ। निशान यात्रा में शामिल श्रद्धालु भगवान देवनारायण के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। निशान यात्रा शहर के मुख्य मार्ग से गुजर कर जमात में स्थित देव भूमि पर पहुंची जहां रात्रि विश्राम हुआ। वही हजारों पदयात्री बुधवार को देवधाम जोधपुरिया में पहुंचकर ध्वज अर्पित करके खुशहाली की कामना की।

पंचमेवा से निर्मित चावल व घी का भोग लगाऐंगे
गुरूवार को भगवान देवनारायण जी की महाआरती करके किशमिश व खोपरा सहित पंचमेवा से निर्मित विशेष घी के चावल का भोग लगाकर श्रद्वालुओं को प्रसादी वितरित की जाएगी।

गांव जोधपुरिया से मंदिर परिसर तक लगी हुई है सैंकड़ों दुकानें
मेले को लेकर जोधपुरिया सडक मार्ग व मेला स्थल परिसर में 500 से ज्यादा छोटी व बडी अस्थायी दुकानें लगी हुई हैं। जोधपुरिया गांव से मंदिर परिसर तक प्रसाद, तस्वीर, देवजी के शृंगार के सामान, मनिहारी, खिलौने, धार्मिक किताबें, खाने पीने के व्यंजनों व गुब्बारों की दुकानें लगी हुई हैं। जिन पर महिला व पुरूषों सहित बच्चों की भीड़ लगी रहती है। इस दौरान मेले में लगी दुकानों पर रोजाना लाखों रूपयों का कारोबार हो रहा है।

देश प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लाखों पद यात्री मेले में होंगे शामिल
राजस्थान के प्रसिद्ध लोकदेवता भगवान श्री देवनारायण के मेले में उतर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, गुजरात व मध्य प्रदेश सहित राजस्थान के जयपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली, अलवर, हिंडोन, टोंक, बूंदी व उदयपुर सहित विभिन्न स्थानों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु व हजारों की संख्या में पदयात्राएं व ध्वज पताकाएं के साथ पहुंचेगी। ध्वज पताकाएं जिस गांव व शहर से निकलती हैं उसी गांव से ध्वज पताका के साथ यात्रियों का कारंवा जुडता जा रहा है। भामाशाहों एवं अलग-अलग समाजों द्वारा जगह-जगह पर यात्रियों के लिए विशाल भंडारे लगाए गए हैं। यात्रियों को जगह-जगह सडकों पर श्रद्धालुओं द्वारा शीतल पेय सहित शर्बत व नास्तें की भी व्यवस्थाएं भी की गई हैं। देवनारायण के जयकारे लगाते डीजे पर देवनारायण के भजनों पर झूमते हुए महिला-पुरूषों व युवतियों के समुहों मे राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।

प्रशासन रहा चाक-चौबंद
सुरक्षा व्यवस्थाओं के लिए प्रशासन चाक-चौबंद है। उपखंड अधिकारी रामकरण सिंह, तहसीलदार नरेशकुमार गुर्जर, डीवाईएसपी मृत्युंजय मिश्रा, थानाधिकारी रामजीलाल, सदर थाना प्रभारी हीरालाल वर्मा, बरोनी थानाधिकारी बृजेन्द्रसिंह राठौड, दतवास थानाधिकारी कालूराम मीणा व कमलेश गुर्जर क्षेत्र में लगातार गश्त करते हुए पूरी तरह चौकस हैं।

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