औदीच्य गोरवाल ब्राम्हण समाज अपनी परम्पराओ के निर्वहन से पीछे न हटे:-गोविंद ओझा।

अभय आश्रम में महारूद्र यज्ञ की हुई पूर्णाहुति

सिरोही(हरीश दवे) ,

सिरोही आम्बेश्वर धाम की तपो भूमि स्थित अभय आश्रम में महारुद्र यज्ञ की पूर्णाहुति राजराजेश्वर गुरूदेव की असीम अनुकम्पा से महारूद्र यज्ञ महोत्सव आचार्य प्रफुल्ल दवे के आचार्यत्व में मातुश्री मीठी बाई भीखालालजी दवे की स्मृति में उनके पुत्र यजमान भैरूशंकर, शांतिलाल, बाबुलाल दवे के यजमानत्व में श्री सहस्त्र ओदिच्य गोरवाल ब्राह्मण समाज के सैकड़ो जनों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ व शास्रोक्त पद्धति से यज्ञ कर्म व पूजन के बाद पूर्णाहूति हुई। व भारती जी महाराज के चित्र के समक्ष सबने यज्ञ की प्रसादी ग्रहण की।व विद्वान ब्राम्हणो का बहुमान व यजमान परिवार का भी बहुमान किया गया।

इस अवसर पर श्री सहस्त्र ओदिच्य गोरवाल ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि हरीश दवे ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि गुरू राजेश्वर भारतीजी की असीम अनुकम्पा से गोरवाल समाज अभय आश्रम आम्बेश्वर महादेव व समाज के सभी गांवों में यज्ञ धर्म आयोजन करता रहता हैं। समाज के वडील गोविन्द भाई ओझा की प्रेरणा से आम्बेश्वर धाम मंे भागवत कथा, शिवपुराण, रूद्राभिषेक व वार्षिक मेला होता रहता हैं इसी क्रम में विश्व शांति, विश्व कल्याणार्थ आम्बेश्वर धाम में ऊड निवासी यजमान भैरूशंकर, शांतिलाल, बाबुलाल पुत्रगण भीखालाल दवे ने अपनी मातुश्री की स्मृति में महारूद्ध यज्ञ महोत्सव का आयोजन किया जिसकी आज शाश्वत पद्धति से पूर्णाहूति हुई व सभी ने महाप्रसादी ग्रहण की।

आचार्य पण्डित प्रफुल्ल शांतिलाल जी दवे ने कहा कि ब्राह्मणों का कर्म यज्ञ करना व धर्म की रक्षा करना है व नई पीढ़ी ब्राह्मण धर्म संस्कार, संस्कृत व वैधाभ्यास की तरफ लौटे व अपनी संस्कृति को आगे बढाये।इस अवसर पर सिरोही, गोल, पाडीव, बामणेरा, गोल इत्यादि गांवों से गोरवाल नर नारीयो ने सहपरिवार महारूद्ध में हिस्सा लिया।

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