आबूरोड,( सिरोही)

*अपनी* *ढाणी* *में* *सड़क* *नहीं* *बनी* *तो* *ग्रामीणों* *ने* *खुद* *अपने* *हाथों* *में* *उठाई* *गैती* , *कुदाली* , *दिन* *रात* *बहा* *रहे* *पसीना* ।-

अपनी ढाणी मे सड़क नहीं होने पर खुद जूटे अपने दम पर सड़क बनाने, दिन रात बहा रहे है पसीना ।

आबूरोड के जांबूडी ग्राम पंचायत की बोसा से खादरा फली तक सड़क नहीं होने पर स्वयं ग्रामीणों ने की श्रमदान के जरिए सड़क निर्माण की पहल की।

गांव में आज भी कई ढाणियों तक सड़क की सुविधा नहीं है, लोग आजादी के बाद से अब तक पैदल सफर कर अपना गंतव्य तय करते हैं।

ऐसी ही एक सिरोही जिले के जांबूडी ग्राम पंचायत के बोसा गांव के खादरा फली में सड़क नहीं होने पर वहां के ग्रामीण पगडंडी से सफर करते है, जिन्हें अब तक सड़क सुविधा नहीं मिली है। वे अब स्वयं अपने दम पर सड़क बनाने को लेकर पसीना बहा रहे हैं।- हर बार की दिक्कत पर मजबूर हुए स्वयं गैती फावड़ा उठाने को तैयार:- बोसा गांव की खादरा फली में सड़क के अभाव में वहां के ग्रामीणों को अपने घर तक पहुंचने में काफी समय लगता है लोग पैदल चलकर आवाजाही करते हैं ऐसे में महिलाओं को प्रसव के लिए एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने, सर्पदंश की घटनाओं, रोगियों, तथा बच्चों को स्कूल जाने के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है, कुछ परिवारों के कृषि कनेक्शन के लिए उनके कुए पर जाने व विद्युत पोल लगाने की गंभीर समस्या पर उन लोगों ने सोचा कि अब स्वयं सड़क बनाते हैं। और अपने कुओ पर कृषि कनेक्शन के लिए पोल आदि ले जाने के लिए जुट जाते हैं।बहा रहे दिन रात पसीना:- अब पिछले तीन-चार दिन से महिला पुरुष बच्चे सभी अपने खादरा फली में सड़क बनाने के लिए खेती फावड़ा कुदाली आदि लेकर दिन रात पसीना बहा रहे हैं यहां तक कि पीने का पानी आदि भी साथ रखते हैं और घर से भोजन बनाने के बाद यहां पर आकर भोजन कर फिर मेहनत में जुट जाते हैं।

फोटो:– जांबूडी ग्राम पंचायत के बोसा गांव की खादराफली में खुद अपने दम पर सड़क बनाने में दिन रात पसीना बहाते ग्रामीण।

Share.

Hello Reader, Stay tuned with surila rajasthan to get latest update of your area.

Leave A Reply