आबूरोड( सिरोही),

-भणवा .सिदो जाजे. सिदो .आवे रमेश… के स्वरचित स्थानीय गाने पर महिलाओं के हाथों से ऊपर उठे रूमाल बांधे नृत्य यंत्र!

सियावा गणगौर मेले में स्थानीय -आदिवासी लोक संस्कृति के गीत गानो पर हजारों हाथ उठे एक साथ!- मेले में गुजरात से पहुंचा हथियारों और जैवरातों से सजा आदिवासी असलाभाई गमार पुलिसकर्मियों और जनप्रतिनिधियों के बीच रहा आकर्षण का केंद्र।

प्रसिद्ध सियावा गणगौर का दो दिवसीय मेला दूसरे और अंतिम दिन मंगलवार को विसर्जित हुआ। रात दिन के दो दिवसीय मेले में विभिन्न मधुर एवं प्रेरणादाई स्वरचित स्थानीय बोली के गीतों में ‘भणवा- सिदो- जाजे,सिदो आवै रमेश का गीत मेले में शिक्षा के महत्व पर सीख देता रहा गीत में कहां गया कि शिक्षा हासिल करने की उम्र में केवल शिक्षा अर्जित और लक्ष्य पर ही ध्यान होना चाहिए बाधाओं के बावजूद अपने लक्ष्य से भटकना नहीं चाहिए समेत महिलाओं के मधुर गानों से आसपास श्रोताओं का शिक्षा की प्रेरणा के साथ आनंदायी वातावरण बना।

– गीत के बोल के साथ हाथों से ऊपर उठे रुमाल बांधे नृत्य यंत्र:-

मेले में जगह जगह घेरे में अलग गीत गानों के बीच गीतों की स्वर लहरियों के साथ लय और ताल के अनुसार हाथों में थामे रुमाल और नृत्य यंत्रों के साथ ऊपर हजारों हाथ उठ पड़े और मधुर आवाज सुनकर मेले का माहौल मनोरंजक हो गया।

– गणगौर की सवारी के साथ ज्वारे – ढोल बांसुरी- थाली के साथ नृत्य गान:-

शिव और पार्वती की झांकी गणगौर के नृत्य मे ढोल वादक ढोल बजाते रहे एवं सिर पर ज्वारे धारण किए बालिकाएं नृत्य करती रही जिन्हें देखने के लिए हर कोई आकर्षित रहा।

– हथियारों और आदिवासी परंपरागत जेवरातो का शौकीन गुजराती व्यक्ति रहा पुलिस और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा का का केंद्र।

मेले में दूर-दूर गांव से मेलार्थी पहुंचे इस बीच गुजरात के छोटा उदयपुर निवासी आदिवासी परंपरागत हथियारों एवं जेवरातो का शौकीन व्यक्ति असला भाई गमार भी पहुंचा, वह व्यक्ति विभिन्न आदिवासी परंपरागत हथियार एवं जीव रातों को पहनकर कई गांव और शहरों में भ्रमण करता रहा है जब यह व्यक्ति गणगौर मेले में पहुंचा तो उसके साथ पुलिस और पूर्व विधायक लालाराम गरासिया समेत जनप्रतिनिधियों ने काफी देर तक चर्चा की मेले में व्यक्ति के मिजाज को कई लोग देखते रहे तथा कईयों ने उसके साथ सेल्फी ली और बातचीत की।मैलार्थियो ने झूले झूलते हुए गाए गीत, की खरीदारी:- मैले मे आए मैलार्थियो ने झूलों में बैठकर गीत गान किया तथा विभिन्न पसंदीदा सामग्रियों की खरीदारी की, ग्राम पंचायत में पेयजल आदि की व्यवस्था संभाली तथा पुलिस के माकूल इंतजाम तैनात रहे।

– शिक्षा के प्रेरणादायक गीत पर हाथों में रुमाल थामे ऊपर नृत्य यंत्र के एक साथ नृत्य करती महिलाएं।

– गणगौर की सवारी के साथ नृत्य करते मेलार्थी ।

– मेले में जेवरातो और हथियारों के शौकीन व्यक्ति बना चर्चा का केंद्र।

– मेले में उमड़ी हजारों संख्या में भीड़।

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