प्रेम त्याग,बलिदान,विश्वासवव समर्पण भाव से मानवता होगी समृद्ध:-फादर लीवइन,सेंट पॉल चर्च में एक दिवसीय वंदना कार्यक्रम में मसीही समाज।

सिरोही(हरीश दवे),

स्थानीय सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर में एक दिवसीय ईश्वर वंदना कार्यक्रम का आयोजन हुआ  कार्यक्रम में सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर जोमी  शिवगंज के फादर जोली जालौर के फादर विपिन माउंट आबू के फादर मुकेश व भीनमाल एवं फालना व आबू रोड के फादर के सानिध्य में कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ सेंट कैथोलिक गिरजाघर प्रवक्ता रंजी स्मिथ ने बताया कि एक दिवसीय ईश्वरी वंदना कार्यक्रम आबू रोड माउंट आबू शिवगंज फालना भीनमाल जालौर सुमेरपुर ईसाई श्रद्धालुओं ने मैं शिरकत की कार्यक्रम के  मुख्य वक्ता के रूप में   उदयपुर  के धर्म प्रांत के एसवीडी फादर   लिव इन  के सानिध्य में प्रातः  सिरोही सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर में कार्यक्रम 9:30 प्रारंभ हुआ एक दिवसीय ईश्वरी वंदना कार्यक्रम में फादर  लिव इन  ने ईसाई समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मनुष्य की जीवन की दशा को बदलने के लिए जीवन की दिशा को बदलना पड़ता है तभी मनुष्य अपने सही दिशा की ओर अग्रसर होता है उन्होंने कहा कि माता-पिता का अनुकरण उनका पुत्र पुत्री करते हैं इसलिए माता पिता को सही दिशा की ओर सर्वप्रथमअग्रसर होना चाहिए तभी पुत्र पुत्रियों को भी सही दिशा प्राप्त होगी अपने संबोधन में कहा है कि आज मनुष्य विभिन्न कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है उसका मुख्य कारण मनुष्य की आपसी वैमनस्यता है आपसी वैमनस्यता को दूर करने के लिए मनुष्य में आपस में प्रेम त्याग एवं बलिदान की भावना उत्पन्न होगी सभी मनुष्य मैं आपसे वैमनस्यता दूर होगी जो मनुष्य समय के साथ साथ चलता है वह सफल नहीं होता है लेकिन यदि मनुष्य समय के साथ-साथ  दिशा को परिवर्तित करता है तो वह सफलता की ओर बढ़ता है  उन्होंने अपने संबोधन में जापान का उदाहरण देते हुए कहा कि जापान के ऊपर सन 1945 में अमेरिका द्वारा परमाणु बम से आक्रमण करने के पश्चात भी जापान के  लोग घबराए नहीं ईश्वर मैं विश्वास के साथ वहां के लोग संगठित होकर अपने देश के हर काम में कंधे से कंधा मिलाकर कार्य किया एवं उस कार्य में सफलता प्राप्त कर आज जापान विश्व का सर्वश्रेष्ठ देशों के अंदर उनकी गिनती होती है ।

उन्होंने संबोधन में कहा कि आज मनुष्य में  त्याग प्रेम और बलिदान की भावना की कमी देखी जा रही है आज मनुष्य भौतिक आवश्यकताओं की ओर अग्रसर है जब उन्हें दुख की घड़ी आती है जब मनुष्य ईश्वर की ओर दौड़ लगाता है यदि मनुष्य सुख और दुख में ईश्वर के प्रति आस्था रखें तो मनुष्य को दुख में भी ईश्वर की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और मनुष्य को दुख का निवारण भी हो सकता है फादर   लिव इन अनेकों उदाहरण प्रस्तुत किया जिसमें मनुष्य का स्वास्थ्य मनुष्य मनुष्य की सोच मनुष्य की कार्यप्रणाली मनुष्य का व्यवहार मनुष्य के आलस एवं मनुष्य द्वारा एक दूसरे को तकलीफ में सहयोग करने के संबंध में उदाहरण द्वारा अनेकों व्याख्या कर ईसाई श्रद्धालुओं को संबोधित किया 2:00 बजे बाद सेंट जोसेफ कैथोलिक गिरजाघर में आराधना व प्रार्थना कार्यक्रम गिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर जोमी फादर  लिव इन एवं फादर जोली के गिरजा घर से आए फादर के सानिध्य में प्रार्थना वआराधना कार्यक्रम प्रारंभ हुआ  आराधना व प्रार्थना कार्यक्रम में ईसाई युवा युवती द्वारा पवित्र बाइबल का पाठ का वाचन किया गया तत्पश्चात शिवगंज के फादर जोली ने पवित्र बाइबल के सुसमाचार का पाठ का अध्ययन किया तत्पश्चात पवित्र बाइबल के सुसमाचार का व्याख्या के माध्यम से फादर  ने लिव इन  ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि  आज हमें आवश्यकता है ईश्वर का आशीर्वाद यह तभी प्राप्त हो सकता है हम जब हम ईश्वर के प्रति अपने हृदय में भक्ति भाव की भावना उत्पन्न होगी है यह तभी संभव है जब हम एक दूसरे के प्रति मन में दया और प्रेम की भावना और दुख में एक दूसरे मनुष्य को सहयोग प्रदान करेंगे प्रार्थना व आराधना कार्यक्रम दोपहर 2 घंटे तक कार्यक्रम का आयोजन हुआ कार्यक्रम के पश्चात  फादर जोली ने एवं फादर  जोमी ने सभी का आभार व्यक्त किया समाप्ति के पश्चात सभी श्रद्धालुओं ने एक साथ भोजन ग्रहण किया।

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