अपने हितों की बजाएं , मरीज हित सर्वोपरि रखे -जेडी चारण

सिरोही(हरीश दवे),

अभी हाल ही में मेडिकल कॉलेज सिरोही के सम्बंधित जिला अस्पताल में एक मानवता को शर्मसार करने वाली घटना घटित हुई थी राजस्थान नर्सेज यूनियन के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष जीवन दान चारण ने बताया है कि सिरोही जिले में चिकित्सा विभाग में एक से बढ़कर एक काम हुए है , मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े कार्य हुए है , लेकिन एक घटना से सभी सहम गए, जिसके बाद प्रसाशन ने आनन फानन में एक नर्सिंग अधिकारी व प्लेसमेंट एजेंसी के द्वारा नियुक्त कर्मचारियों को हटाया गया था , लेकिन जो वास्तव में दोषी है उन पर कोई कार्यवाही नहीं हुई थी , उसको लेकर पूरे जिले में नर्सेज में व सभी कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हुआ था और धरना प्रदर्शन भी किया गया , लेकिन जो जिला कलेक्टर महोदय के द्वारा गठित जांच कमेटी ने विस्तृत जांच कर जो दोषी ठहराया गया था उन सभी पर कार्यवाही की गई , हमारे नर्सेज प्रतिनिधि मंडल के साथ वार्ता में भी जिला कलेक्टर महोदय ने साफ साफ कहा था कि जो दोषी है उसको बक्सा नहीं जाएगा और निर्दोष पर कार्यवाही नहीं होगी , उसके बाद जो प्रशासनिक रूप से सरकार द्वारा व्यवस्था करनी चाहिए वो कर रहे है , प्रमुख चिकित्सा अधिकारी को भी बदला गया है , ओर आगे आम जनता, अस्पताल व कर्मचारियों के हित मे नए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी कार्य करेंगे यह सभी को अपेक्षा रहेगी , चारण ने कहा कि जब सभी पर कार्यवाही की गई है , उसके बाद भी कुछ लोग किसी के प्रभाव में आकर जिला अस्पताल की व्यवस्था को खराब करने में तुले हुए है , जो सरासर गलत है , एक बच्चे की मौत हुई , उसका पिता मौत व जिंदगी के बीच जूझ रहा है , उसके बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं को बाधित करना , सरासर गलत है , यदि नर्सिंग अधिकारी व सविंदा कर्मचारियों के साथ ना इंसाफी हुई है तो विरोध के बहुत से तरीके है उससे भी विरोध काली पट्टी बांधकर किया जा सकता है और अन्य तरीके से विरोध किया जा सकता है साथ ही कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष जीवन दान चारण ने कहा कि किसी नर्सेज के साथ अन्याय नही होने देंगे और यदि कोई दोषी है तो उसका साथ नही दिया जाएगा, यदि कोई नर्सेज निर्दोष है तो उसको न्याय मिले ऐसी राजस्थान नर्सेज यूनियन की भरसक प्रयास रहेगी। इसलिए जिला अस्पताल की व्यवस्था को बाधित नहीं करने का आग्रह किया जाता है , जो कर रहे वो उनके संगठन का निर्णय है , पर वो मानवीय मूल्यों के खिलाफ है ,अपने हित से पहले मरीज हित सर्वोपरि होना चाहिए, मरीजों के हितों को देखते हुए , धरना प्रदर्शन में राजस्थान नर्सेज यूनियन की जवाबदेही नहीं रहेगी इसको लेकर अगर प्रशासन सख्त कदम उठाता है तो यह कार्य करने वालो की जवाब देही रहेगी , ओर वहां पदस्थापित कर्मचारियों को नए प्रमुख चिकित्सा अधिकारी का सहयोग कर जो व्यवस्था में कमी है उसको दुरुस्त करने में सहयोग करना चाहिए , जिससे पूर्व में घटना घटित हुई थी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो और किसी माँ का कोई बेटा ना खोना पड़े , सविंदा कर्मचारियों को तो देर सवेर वापस नॉकरी में ले लिया भी जा सकता है मगर उस गरीब का बच्चा वापस नहीं आएगा ,

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