गर्भ संस्कार विषयक प्रशिक्षण कार्यशाला 15 जनवरी को सिरोही में
सिरोही / राजस्थान ।
(हरीश दवे)
प्रत्येक गर्भवती एक तेजस्वी और सर्वश्रेष्ठ शिशु को जन्म देकर अपना जन्म सार्थक कर सकती है पर अज्ञानतावश गर्भवती महिलाएँ , कुटुंब और समाज इस ओर अनदेखी कर रहे हैं। गर्भ में पल रहे शिशु के मस्तिष्क एवं शरीर का विकास गर्भवती की भावनाएं, विचार, आहार एवं वातावरण पर निर्भर होता है । इन्ही बातो को ध्यान में रखते हुए नगर के विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता कुटुंब प्रबोधन समिति , सिरोही के तत्वावधान में आगामी 15 जनवरी को गर्भ संस्कार विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करेंगे ।इसकी तैयारी को लेकर श्रीगुरूकुलम में बैठक का आयोजन किया गया ।
संयोजक भगवतसिंह और जितेंद्र कुमार ने बताया कि कार्यशाला का प्रारंभ 15 जनवरी 2023 को प्रातः 9 बजे से 4 बजे तक होगा ।उन्होने बताया कि कार्यक्रम के विषय – वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संतानों का संस्कारी होना क्यों आवश्यक है, क्या वर्तमान में अभिमन्यु जैसे गर्भ में ही सीख कर आने वाली संतान संभव है , शारीरिक , बौद्धिक , मानसिक रूप से श्रेष्ठ एवं स्वस्थ स्वस्थ संतान कैसे हो , गर्भाधान संस्कार का महत्व क्या है , क्या मनोवांछित संस्कार एवं गुणों से युक्त संतान गर्भाधान संस्कार द्वारा प्राप्त कर सकते हैं , उपरोक्त प्रश्नों के समाधान हेतु ’श्रेष्ठ संतान – राष्ट्र कल्याण’ पर सदस्यो से विचार विमर्श करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने की योजना तैयार की ।
उन्होने बताया कि सभी सदस्यो ने अपने वक्तव्य में कहा कि श्रेष्ठ संतान की प्राप्ति की आकांक्षा प्रत्येक माता पिता को होती है क्योंकि वे मरने के बाद भी अपनी संतान के रुप में जीवित रहते हैं। श्रेष्ठ संतान से ही वंश के यश और कीर्ति में वृद्वि होती है। कुटुम्ब प्रबोधन गतिविधि के प्रांत संयोजक कैलाश जोशी ने बताया कि आदर्श विद्या मंदिर विद्यालय पैवेलियन में होने वाली इस राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला कार्यक्रम में देश भर के चिंतक , विचारक , शिक्षाविद , आयुर्वेद मर्मज्ञ , संगीतज्ञ इत्यादि सम्मिलित रहेंगे । उन्होने बताया कि इस कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य, गर्भावस्था में ही गर्भ में पल रहे शिशु को संस्कार देने संबंधी विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालना है।
उन्होने बताया कि इस आयोजन में 18 वर्ष की आयु से लेकर सभी वर्ग की महिला पुरूष आमंत्रित है । इस अवसर पर चित्रलेखा जोशी , भारती लकवानी , मीना , पुष्पा मराठा ,वीनू सूर्यवंशी , रीटा सोनी इत्यादि मातृशक्ति सहित डॉ जगदीश आर्य , खुशवंत त्रिवेदी , नारायणसिंह डाबी , डॉ संजय पुरोहित , ईश्वर कुमार , शंकर माली , डॉ नरेंद्र ओझा , मधुसूदन जी त्रिवेदी रमेश गोमतिवाल , चंद्रभान मोटवाली , नरेंद्र शर्मा , प्रकाश माली , छगन सुथार , भरत अवस्थी उपस्थित रहे ।

