वृद्ध जनो की सेवा परमात्मा की सेवा:-डॉ सुनीता जैन।

नव दंपति जोड़ो को लिए सुखद ग्रहस्थाश्रम को लेकर कार्यशाला संपन्न ।

सिरोही / (हरिष दवे)

परिवार व्यवस्था के अवमूल्यन से संबंधित नकारात्मक समाचार यत्र तत्र सुनने को मिलते ही हैं लेकिन सिरोही में कुछ कुटुंब हितेषी जनों ने नवविवाहित जोड़ों को भारतीय परिवार व्यवस्था के अनुरूप व्यवहारिक रुप से प्रशिक्षित करने का दायित्व लिया ।कुटुंब प्रबोधन गतिविधि सिरोही इकाई द्वारा नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थ आश्रम का प्रशिक्षण देने के लिए एक नव दंपति कार्यशाला का आयोजन आनंद विद्या मंदिर में आयोजन किया गया ।संयोजक भगवत सिंह एवं जनार्दन ओझा ने बताया कि 10-15 परिवारों की टोली जब आपस में विचार-विमर्श कर रही थी तब उनको लगा कि पुराने अनुभवी गृहस्थ जनों के सफल अनुभव नई पीढ़ी में स्थानांतरित होने चाहिए… फलस्वरुप है कि नव दंपत्ति कार्यशाला की योजना बनी ।कैसे किया-कार्यशाला प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि हमने इसके लिए एक गूगल फॉर्म तैयार कराकर रजिस्ट्रेशन करवाएं तथा बस्तियों में भी संपर्क किया गया ।वक्ताओं के विषय कार्यशाला में पंडित जनार्दन हो जाने 16 संस्कार की जानकारी देते हुए विवाह संस्कार का महत्व बताया ।आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ सुनंदा जैन ने श्रेष्ठ संतति राष्ट्र उन्नति के अंतर्गत गर्भ संस्कार एवं परिवार के आहार विहार से संबंधित संवाद किया ।श्रीमती चित्रलेखा श्रीमती पवन आर्य श्रीमती पुष्कर देवल ने सुखी दांपत्य जीवन के अनुभव विभिन्न उदाहरण एवं कहावतो माध्यम से डॉ सुनीता जैन में वृद्धजनों की सेवा ईश्वर की सेवा विषय पर अपने विचार व्यक्त किए ।मोटिवेशनल स्पीकर नरेंद्रपाल सिंह ने पति-पत्नी के अटूट बंधन को धैर्य सामंजस्य सहनशीलता से संभालने का आह्वान किया ।कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रकाश गुप्ता ने वर्तमान समय में बेटियों के सशक्तिकरण की आवश्यकता जताई ।प्रांत संयोजक कैलाश जोशी ने कुटुंब प्रबोधन गतिविधि के बारे में जानकारी प्रदान कीडॉ जगदीश आर्य ने भारतीय पद्धति से जन्मदिन वैवाहिक वर्षगांठ तथा सेवानिवृत्ति समारोह इत्यादि को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए भारतीय पद्धति से मनाने के लिए संकल्प करवाया ।कार्यशाला में राहुल रावल , एड प्रकाश माली , करण सिंह , प्रकाश प्रजापत ने भी अपने विचार व्यक्त किए ।

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