संसार मे बदलाव तभी आएगा जब हम स्वयं में बदलाव लाएंगे:-रामेश्वर सुखववाल
सिरोही , राजस्थान / (हरीश दवे) ;
अखिल विश्व गायत्री परिवार शातिंकुज हरिद्वार के प्रतिनिधी रामेश्वरलाल सुखववाल ने कहा कि गायत्री परिवार संस्कार की शिक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है उनका मानना है कि संसार में बदलाव तभी आएगा जब हम अपने में बदलाव करेंगे इसलिए गायत्री परिवार ने एक नारा दिया है कि हम सुधरेंगे तो युग सुधरेगा वे शनिवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी कार्यक्रम के अंतर्गत गायत्री शक्ति पीठ परिवार सिरोही में आयोजित गोष्ठि में गायत्री शक्ति पीठ से जुड़े हुए साधको को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि भारत की भूमि वंदनीय है यह धर्म, संस्कृति और संस्कार की भूमि है। उन्होंने लोगों को गायत्री परिवार की ओर से समाज हित में चलाई जा रही नैतिक, अध्यात्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रमों से अवगत कराया सुखववाल ने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से मानवीय कल्याण पर फोकस किया जा रहा है। उन्होने कहा कि समाज को सभ्य बनाने के लिए सबसे जरुरी है कि वहां रहने वाले इंसान में चरित्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और कर्तव्यनिष्ठा की भावना कूट-कूट कर भरी हो। लेकिन आधुनिकता के इस दौर में इंसान अपने पथ से भटकने लगे हैं। इस बाबत इंसान को पुनः इंसान बनाने और उन्हें सत्य, ओहसा और सत्य मार्ग पर चलने के लिए अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में संस्कार अभियान की शुरुआत की गई है गायत्री शक्ति पीठ के ट्रष्टी एवं मीडिया प्रभारी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि शांतिकुज हरिद्वार से जिले के दो दिवसीय प्रवास पर आये प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार को गायत्री परिवार के सक्रिय सदस्यों,तहसील पदाधिकारी, ट्रस्टियों से मुलाकात की वहीं शहर के जिला अस्पताल में नर्सीग टेनिग सेंटर में प्रशिक्षण लेरही छात्राओं को गर्भ विज्ञान के साथ साथ संस्कारो की जानकारी दी। डाक्टर राधेश्याम ने कहा कि संस्कारों देने में सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका मां की होती है। मां के गर्भ से ही बालक मां के विचारों से विचार ग्रहण करता है। मां को बच्चे की प्रथम पाठशाला के रूप में भी जाना जाता है। क्योंकि बच्चे को मां जैसे संस्कार देती है वह उन्हीं संस्कारों को ग्रहण कर अच्छी-बुरी राह पर चलता है। इस अवसर पर गायत्री महिला मंडल की इंदिरा खत्री ,रजनी दहिया, हेमलता देवी और श्रीमती गिरा खत्री,यशस्विनी गोमतीवाल,उर्मिला खंडेलवाल, रंजन देवी, शुचिता गोमतिवाल शालिनी वर्मा एवं सुपरवाइजर श्रीमती मंजुला खत्री ,श्रीमती उत्तम सिंह, गायत्री शक्ति पीठ केे प्रधान ट्रष्टी रमेश गोमतीवाल ,गोविंद जी खंडेलवाल ,जिला संयोजक कन्हैया लाल पुरोहित, भगवानदास प्रजापत उप मुख्य ट्रष्टी हरीश खंडेलवाल, वगताराम देवासी,गोवराम,प्रकाश,विजयसिंह,गणेश पुरोहित,लालसिंह,संत बालकदास,श्रवण खंडेलवाल,रंजीत दहिया,गोविंद खण्डेलवाल,अजबराम,रेखा रावल,इंद्रा रावल,सुंदर रावल,संतोष प्रजापत,शांति देवी उपस्थित थे।

