उदयपुर/सिरोही , रिपोर्ट (हरीश दवे)
समाजसेवी प्रकाश प्रजापाति “राजस्थान गौरव पुरस्कार”से सम्मानित ।
उदयपुर स्थित मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार हाल में ज्ञान ज्योति सेवा संस्थान द्वारा आयोजित गुरुवंदम कार्यक्रम में समाजसेवी कार्यो हेतु सिरोही निवासी समाजसेवी प्रकाश प्रजापति को “ राजस्थान गौरव पुरूस्कार -2022” से सम्मानित किया गया | समाजसेवी प्रजापाति को समारोह के मुख्य अतिथि डॉ. परीन सोमानी ,निदेशक –स्किल डेवलोपमेंट,लन्दन (यूके), विशिष्ठ अतिथि पूर्व गृह सचिव डॉ. डी.आर. जोधावत , जिला प्रमुख उदयपुर-ममता कुंवर ,संस्था अध्यक्ष इंजी. राहुल कुमार की उपस्तिथि में प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर समानित किया।इससे पूर्व प्रजापति समाजसेवी कार्यो हेतु ‘विजेता-चेंजमेकर ह्यूमैनिटी अवार्ड ,लायंस क्लब के प्रान्तीय अधिवेशन में बहुप्रन्तीय मानवीय सेवा रत्न , प्रान्तीय सेवा रत्न, सम्भागीय अधिवेशनों में सात बार संभाग रत्न , सर्वश्रेष्ठ अध्यक्ष, समेत इनके सेवा कार्यो हेतु जिला कलेक्टर सिरोही द्वारा 4 बार जिला स्तरीय स्वतंत्रता /गणतंत्र दिवस समारोह में एवं जयपुर में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा सम्मानित एवं कई बार अन्य पुरुस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।इसलिये मिला अवार्ड:पिछले 23 वर्षो से रक्तदान, देहदान, सहित पीडितार्थ समाजसेवा से जुड़े समाजसेवी प्रकाश प्रजापाति ने सिरोही 24 घंटे में कभी भी दिन हो या रात आवश्यकता पड़ने पर जिला मुख्यालय सहित 35 से 40 किलोमीटर के दायरे में आपस पास के गांवों में अभी तक साढ़े 9 वर्षो में एक हजार से ज्यादा (कुल 1017) शवो को गंतव्य स्थान पर पहुचाया । वही पिछले गत 2 वर्ष के कोरोना संक्रमण काल मे लोग जीवित इंसानो के पास भी एक दूसरे के पास जाने कतरा रहे वही समाजसेवी प्रकाश प्रजापति मुर्दा शवो को भी बेख़ौफ़ अपने जान की परवाह किये बगैर सवा तीन सौ के करीब शवो को जिसमे कोरोना संक्रमित(पॉजिटिव), कोरोना संदिग्ध, लावारिश लाशो का अंतिम संस्कार करने सहित अन्य शवो को गंतव्य स्थान पर पहुचाया। जिसमे कोरोना संक्रमण काल की भयानक दूसरी लहर के मध्य अप्रेल, मई के 32 दिनों में 94 कोरोना संक्रमित,लावारिश लाशो सहित अन्यो को शमशान घाट पहुचा कर अंतिम संस्कार करवाया। प्रजापाति सेवा कार्य हेतू पिछले दो दशक से पीडितार्थ मानवीय सेवा में 24 धंटे हमेशा स्वयं तन, मन धन से तत्पर रहते है,जो कार्य अभी तक कर रहे है। प्रजापाति ने मरणोपरांत देहदान संकल्प प्रक्रिया भी कर रखी है एवं अनेको लोगो का देहदान संकल्प का संकल्प प्रक्रिया करवा रहे है।

