प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति सहित मनाया शिक्षक दिवस।
रिपोर्ट, सिरोही(हरीश दवे) ।
सेंट,जेकेड़ी विद्यालय में डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिवस एवं शिक्षक दिवस सादगी एवं हर्षोल्लास से सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ मनाया गया ।विद्यार्थियों ने प्रधानाचार्या एवं शिक्षकों की भूमिका निभाकर विधालय की दोनों परियों का संचालन किया ।कार्यक्रम का प्रारंभ विद्यार्थी शिक्षकों ने प्रधानाचार्या के साथ सरस्वती वंदना,गुरुमंत्र सहित डॉ राधाकृष्णन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।विद्यार्थियों ने शिक्षक-शिक्षिकाओं का तिलक लगाकर स्वागत किया एवं उन्हें रंगबिरंगे कार्ड बनाकर भेंट किये ।**ततपश्चात पौराणिक गुरुकुल बने मंच पर,विद्यार्थियों द्वारा नाटक के माध्यम से भारत की प्राचीन शिक्षा पद्धति को दर्शाया गया ।प्रधानाचार्या डिम्पल मेवाड़ा ने बताया कि प्राचीन भरतीय शिक्षा पद्धत्ति में हमें अनौपचारिक तथा औपचारिक दोनों प्रकार के शैक्षणिक केन्द्रों का उल्लेख प्राप्त होता है। औपचारिक शिक्षा मन्दिर, आश्रमों और गुरुकुलों के माध्यम से दी जाती थी। ये ही उच्च शिक्षा के केन्द्र भी थे।विद्यार्थियों ने शिक्षक दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए अपने-अपने विचार व्यक्त किये । कक्षा तृतीय एवं चतुर्थ के छात्र-छात्राओं ने “विद्यालय का महत्व” नामक नाटक पर अति सुंदर प्रस्तुति दी ।विद्यार्थियों ने मंच पर बने कृतिम भारतीय प्राचीन गुरुकुल का अवलोकन किया एवं शिक्षकों ने उन्हें इसका महत्व एवं पौराणिक इतिहास बताया ।अतःमें विद्यार्थियों ने शिक्षक-शिक्षिकाओं हेतु मनोरंजक खेल द्वारा कार्यक्रम का समापन किया ।कार्यक्रम का मंच संचालन छात्रा- याना सगरवंशी एवं लक्ष्यका सिंह ने किया ।कार्यक्रम में शिक्षक/शिक्षिका-कुणाल कलावंत,हितेन्द्रा पंवार, प्रियंका राजपुरोहित,नरेश कलावंत,मौसमी चौहान,चेतना खत्री,ज्योति चौहान,सोनाक्षी वर्मा,कुसुम आर्य,सीमा राठौड़,रेणु शर्मा,अभिमन्यु राजपुरोहित,जसवंत प्रजापत,प्रेमलता खंडेलवाल,जास्मिन कलावंत,आशा सिंदल,दीक्षिता बारड़,डिम्पल माली,निशा प्रजापत सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे ।

