सिरणवा की गोद में सजेगा मां का दरबार।

जगदम्बे मण्डल स्वर्ण जयंती वर्ष को भव्य बनाएगा, नव कुंडी शतचंडी महायज्ञ सहित होंगे धार्मिक अनुष्ठान और गरबा का विराट आयोजन ।

रिपोर्ट, सिरोही (हरीश दवे) ।

देवनगरी सिरोही का सबसे पुराना गरबा कार्यक्रम आयोजक श्री जगदम्बे नवयुवक मण्डल रामझरोखा के तत्वावधान में इस बार स्थापना के 50 साल पर शारदीय नवरात्र में स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में विराट आयोजन किया जा रहा है जिसको लेकर भव्य तैयारियां शुरू की गई है।मण्डल के मुख्य संरक्षक सुरेश सगरवंशी ने स्थानीय पत्रकार बंधुओं को आयोजन की जानकारी देते हुए बताया कि देवनगरी के समस्त हिंदू समाज के सहयोग से नगर का मुख्य नवरात्रि महोत्सव आयोजक मंडल अपनी 50 वर्ष की अनवरत यात्रा पूरी कर रहा है। नवरात्र में कई मांगलिक कार्यक्रम के तहत विद्वान आचार्य व पंडितों के सानिध्य में नव कुंडी शतचंडी महायज्ञ को लेकर यज्ञशाला का निर्माण शुरू हो चुका है। शतचंडी यज्ञ कर के बारे में बताया जाता है कि या शक्तिशालीअनुष्ठान है जिससे सुख सौभाग्य की प्राप्ति के साथ सभी की समृद्धि, खुशहाली, मनोकामना पूर्ति, पापों से मुक्ति, कष्ट निवारण के साथ प्रजा के सभी प्रकार के सुख वैभव की इच्छा पूर्ति होती है।इसी प्रकार शक्ति की उपासना व आराधना के पर्व पर रामदेव का मैदान में करीब 40 फीट ऊंचा कर तीन पावागढ़ पर्वत का निर्माण करके उस पर माता का दरबार सजेगा। सगरवंशी ने बताया कि बंगाल के कुशल मूर्तिकार द्वारा हाथों से प्रतिमाए बनाई जा रही है इनमें मां जगदम्बा दरबार सहित पावागढ़ के शिखर पर महाकाली का विशाल स्वरूप झांकी के रूप में प्रदर्शित होगा।बताया कि आयोजन में समाज के सभी श्रेष्टिजनों का स्नेह सानिध्य रहेगा। इस अवसर पर मंडल की अनवरत यात्रा के 50 वे स्वर्ण जयंती वर्ष पर स्थापना प्रेरक देवलोकगामी शंकरपुरी बाबाजी को याद करते हुए संस्थापक सदस्यों को याद किया जाएगा। आयोजन में संतों का भी सानिध्य रहेगा।आयोजन के दौरान होमाष्टमी, महाआरती, कन्या पूजन, शस्त्र पूजन, विजयादशमी, गरबा रास सहित प्रतिमा विसर्जन के विविध कार्यक्रम होंगे। गरबा को लेकर विशेष तैयारी की गई है जिसमें इस बार गुजरात के मशहूर कलाकारों के द्वारा गुजरात का संगीत व गरबा पांडाल में गूंजेगा। मंडल की ओर से सभी धर्म प्रेमी सज्जनों को सपरिवार इस विराट अनुष्ठानिक आयोजन में भाग लेने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि आयोजन की तैयारी से पूर्व नगर के गणमान्य नागरिकों के हाथों से योजना पत्रक का विमोचन किया गया और उसके बाद मंडल के पदाधिकारियों ने मुंबई जाकर प्रवासी बंधुओं को भी आयोजन में आमंत्रित किया है।बताया कि वर्ष 2000 के आसपास नई टीम ने मण्डल का कार्य अपने हाथों में लिया और इसे ऊंचाइयां प्रदान की। इसमें सुधार प्रक्रिया में नीति नियम बनाए और अनुशासन को सर्वोपरि बनाया। आज पूरे क्षेत्र सहित पश्चिमी राजस्थान का बड़ा गरबा मंडल बताया जाता है। आयोजन को भव्य बनाने में समय-समय पर मिले सहयोग के लिए सभी दानदाताओं, भामाशाह का आभार जताया। मण्डल के कई सेवा प्रकल्प भी चलते हैं जिसमें बेटी बचाओ, गोसेवा, संस्कृति संवर्धन, असहाय सेवा, आपदा सेवा, वृक्षारोपण आदि के कार्य भी किए जाते हैं।प्रेस वार्ता के दौरान मंडल के अध्यक्ष विजय पटेल आयोजन संयोजक गिरीश सगरवंशी, सहसंयोजक लोकेश खंडेलवाल, संरक्षक गांधीभाई पटेल, रणछोड़ पुरोहित, राजेश गुलाबवानी, अतुल भूपत भाई देसाई, प्रताप प्रजापत, प्रकाश खारवाल, दिनेश प्रजापत,रुपेंद्र शर्मा, विकास प्रजापत सहित पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे।

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