सिरोही V24 न्यूज/ (हरीश दवे) ;
आयोग का फैसला,
बैंक द्वारा बीमा प्रीमियम राशि देरी से बीमा कम्पनी को भेजने से प्रार्थीया को बीमा क्लेम से वंचित होने पर ऋण राशि 2 लाख अदा करने के आदेश दिए जिला उपभोक्ता आयोग ने ।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मलारखान मंगलिया, सदस्य रोहित खत्री व सदस्या उज्जवल सांखला ने अप्रार्थी दी सिरोही सेण्ट्रल को ऑपरेटिव बैंक लि. ने प्रार्थीया ममता के पति स्वर्गीय दिलीप कुमार के ऋण खाते में से जीवन सुरक्षा बीमा योजना के तहत प्रिमियम राशि काटकर बीमा कम्पनी को समय पर नही भेज कर सेवा मे कमी कारित करने पर प्रार्थीया को ऋण राशि 2 लाख रूपए व मानसिक, शारिरीक, आर्थिक व परिवाद व्यय एकमुश्त 10 हजार रूपए अदा करने का आदेश दिया।जानकारी केे अनुसार प्रार्थीया ममता के पति स्वर्गीय दिलीप कुमार ने अप्रार्थी दी सिरोही सेण्ट्रल को ऑपरेटिव बैंक लि., सिेरोही से 2 लाख रूपए का ऋण लिया था प्रार्थीया पति के ऋण खाते मे नामे लिखकर अप्रार्थी बैंक को जीवन सुरक्षा बीमा योजना के तहत बीमा प्रीमियम राशि काटकर भारतीय जीवन बीमा निगम मे भेजनी थी जो अप्रार्थी की जिम्मेदारी थी। अप्रार्थी बैंक द्वारा प्रार्थीया के पति की मृत्यु के बाद बीमा कम्पनी में बीमा प्रीमियम राशि भेजी। जो पॉलिसी प्रारम्भ होने की तारीख से पूर्व की थी। अप्रार्थी बैंक द्वारा बीमा कम्पनी को बीमा प्रीमियम राशि प्रार्थीया के पति की मृत्यु के बाद भेजने की त्रुटि की वजह से प्रार्थीया को बीमा राशि से वंचित होना पडा। अप्रार्थी बैंक ने कर्तव्य में निर्वहन में लापरवाही बरतते हुए प्रीमियम राशि देरी से भेजी जिसके कारण भारतीय जीवन बीमा कम्पनी ने प्रार्थीया का बीमा क्लेम निरस्त कर दिया।आयोग ने माना कि अप्रार्थी दी सिरोही सेण्ट्रल को ऑपरेटिव बैंक लि. द्वारा प्रार्थीया ममता के पति स्वर्गीय दिलीप कुमार के ऋण खाते से प्रिमियम राशि काटकर देरी से भेजने के कारण प्रार्थीया को बीमाधन क्लेम से वंचित होना पडा। अप्रार्थी बैंक का उक्त कृत्य घोर लापरवाही व सेवादोष है। जिस पर प्रार्थीया को अप्रार्थी बैंक को ऋण राशि 2 लाख रूपए व मानसिक, शारिरीक, आर्थिक व परिवाद व्यय एकमुश्त 10 हजार रूपए अदा करने का आदेश दिया। उक्त राशि 45 दिनों में अदा नही करने पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से वसूल किये जाएगे।

