जयपुर ,राजस्थान V24 न्यूज नेटवर्क-

बजट घोषणाओं का लाभ आमजन तक पहुंचाने हेतु कार्यशाला गवर्नेन्स के सुधार में सिविल सोसाइटी की महत्वपूर्ण भूमिका-मुख्यमंत्री- महात्मा गांधी शांति एवं अहिंसा निदेशालय बनेगा विभाग- सिविल सोसाइटी के महत्व को नकारने वालों का नहीं होता लोकतंत्र में विश्वास- अगला बजट युवाओं, छात्रों तथा महिलाओं को समर्पित- शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताजयपुर, 1 अगस्त। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि समाज के वंचित तबके के लिए काम करने तथा उनकी जमीनी जरूरतों को समझने में सिविल सोसाइटी व स्वयंसेवी संगठनों की अहम भूमिका है। सरकार द्वारा लोक कल्याण के लिए बनाई योजनाओं को कारगर तथा उपयोगी बनाने में इन संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहता है। सिविल सोसाइटी सरकार को आत्मावलोकन करने में भी सहायता करती हैं तथा सरकार की योजनाओं, नीतियों और कार्यक्रमों की समीक्षा कर उन्हें और बेहतर बनाने में सहयोग करती हैं। सिविल सोसाइटी के सुझावों के बाद ही देश में आरटीआई, आरटीई, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लोकतंत्र में सिविल सोसाइटी का अपना महत्व है, इसको नकारने वाले लोगों का निश्चित रूप से लोेकतंत्र में विश्वास नहीं होता है।श्री गहलोत सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में ‘बजट का लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए आयोजित कार्यशाला’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने सिविल सोसाइटी द्वारा राज्य बजट की प्रशंसा करने तथा बजट पर विश्वास करने के लिए सभी का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्यशाला की रिपोर्ट पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में चर्चा होगी तथा सुझावों का क्रियान्वयन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद की बड़ी महत्वता होती है। कार्य में सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है, इसलिए सिविल सोसाइटी के सदस्यों के सुझावों का हमारी सरकार हमेशा स्वागत करती है, ताकि कमियों को दूर कर योजनाओं को जनता के लिए अधिक लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपके बहुमूल्य सुझावों की जरूरत हमेशा हमें रहती है जिससेे सरकार अपने लक्ष्य को अर्जित करने में सफल हो सके। शांति एवं अहिंसा निदेशालय अब बनेगा विभागमुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी शांति एवं अहिंसा निदेशालय को एक विभाग के रूप में स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महात्मा गांधी के सिद्धांत, आदर्श एवं दर्शन की पहले से ज्यादा आवश्यकता है। गांधीजी के जीवन दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से इस विभाग की स्थापना की जाएगी। श्री गहलोत ने कहा कि आज देश एवं प्रदेश में काफी हिंसात्मक घटनाएं देखी जा रही हैं। इन घटनाओं को रोकने तथा शांति, सद्भाव एवं भाईचारा कायम करने के लिए गांधीजी के सिद्धांतों की आवश्यकता है। कुछ वर्षों पहले प्रदेश में हुई लिंचिंग की घटनाओं पर प्रधानमंत्री ने निंदा करते हुए कहा था कि ऎसे लोग असामाजिक तत्व होते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वर्तमान में देश में व्याप्त तनाव के माहौल को देखते हुए सद्भाव एवं भाईचारे का संदेश देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं प्रतिबद्धता के साथ प्रदेशवासियों को सुशासन देने के ध्येय से कार्य कर रही है। राजस्थान जन आधार योजना के माध्यम से विभिन्न योजनाओं/सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ आमजन को पहुंचाना सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश के लगभग 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। राज्य के करीब 5 लाख कार्मिकों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया गया। इसके साथ ही पुलिस थानों में निर्बाध पंजीयन सुनिश्चित किया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताश्री गहलोत ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में राजस्थान एक अग्रणी राज्य बनता जा रहा है। आज पूरे देश में चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना की चर्चा हो रही है। इस योजना में प्रति परिवार 10 लाख तक के सालाना बीमा का प्रावधान है। इसमें कॉकलियर इम्प्लांट, बॉन कैंसर जैसी महंगी बीमारियों के भी निःशुल्क ईलाज की व्यवस्था की गई है। ऑर्गन ट्रांसप्लांट में 10 लाख रूपए की सीमा लागू नहीं होती है। ट्रांसप्लांट का सारा खर्चा सरकार द्वारा वहन किया जाता है। इसके अलावा 5 लाख रूपए का दुर्घटना बीमा भी इस योजना में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा 210 नए राजकीय महाविद्यालय खोले गए हैं, जिनमें से 94 कन्या महाविद्यालय हैं। प्रदेश में 1206 महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खोले जा चुके हैं, ताकि वंचित तबके के विद्यार्थी भी अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त कर सकें। श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने 90 लाख से अधिक लोगों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन स्कीम से जोड़ने का काम किया और इस संख्या को आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। पालनहार योजना में 6.05 लाख बच्चों को 1719.41 करोड़ रूपए की वित्तीय सहायता दी गई है। बेघर लोगों के उत्थान के लिए मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह योजना लाई जा रही है तथा विभिन्न घुमन्तू समुदायों के उत्थान के लिए डीनोटीफाइड ट्राइब्स पॉलिसी लाई जा रही है।

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